काँग्रेस को शता रहा है विद्यायक टूटने का डर, रात में विधायकों के बीच ठहरे सीएम गहलोत, 19 जून तक होटल में ही रहेंगे विधायक
राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के लिए गुरुवार काे पूरे दिन सियासी बयानबाजी का दाैर जारी रहा। कांग्रेस-भाजपा के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्याराेप लगाते रहे। इस बीच जहां कांग्रेस अपने विधायकाें काे बचाने के लिए चक्रव्यू की रचना करते नजर आए, जिससे उसे काेई भी भेद नहीं पाए, वहीं भाजपा के नेता अपने विधायकों को लेकर पूरी तरह निश्चिंत नजर आए। सबको चौंकाते हुए सीएम अशोक गहलोत गुरुवार की रात विधायकों के बीच में ही रिजॉर्ट शिव विला में ठहरे, जिससे विधायकों को अपनापन महसूस हो। विधायकों की बैठक अब शुक्रवार को दोपहर दो बजे संभावित बताई जा रही है।
कांग्रेस, बीटीपी और निर्दलीय विधायक अब 19 जून तक रिजॉर्ट में ही रहेंगे, जिससे किसी भी सूरत में एक भी वाेट इधर से उधर न हाेने पाए। इसको लेकर कांग्रेस आलाकमान भी सतर्क है। इसलिए कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं का जयपुर में जमावड़ा कराया जा रहा हैं, जिससे कोई विधायक टूट न पाए।
कांग्रेस, बीटीपी और निर्दलीय विधायक अब 19 जून तक रिजॉर्ट में ही रहेंगे, जिससे किसी भी सूरत में एक भी वाेट इधर से उधर न हाेने पाए। इसको लेकर कांग्रेस आलाकमान भी सतर्क है। इसलिए कई राज्यों के कांग्रेस नेताओं का जयपुर में जमावड़ा कराया जा रहा हैं, जिससे कोई विधायक टूट न पाए।
कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गुजरात के घटनाक्रम से सबक लेते हुए राज्य सरकार और कांग्रेस किसी प्रकार की रिस्क नहीं लेना चाहती, जिससे प्रदेश सरकार या फिर राज्यसभा की एक सीट पर संकट खड़ा हो। इसलिए सीएम गहलोत खुद पूरा मोर्चा संभाले हुए हैं। एक-एक घटना पर उनकी ओर से नजर रखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस से लेकर भाजपा तक के विधायकों के हर एक मूवमेंट पर एजेंसियों की ओर से नजर रखी जा रही है।
मैंने शिकायत में किसी का नाम नहीं लिखा, फिर बीजेपी के नेता क्याें बाैखलाए : जाेशी
कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि विधायकों की खरीद फरोख्त करने की मुझे सूचना मिली, मैंने उसके आधार पर एसीबी में शिकायत की है, एसीबी अब जांच में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी, मैंने शिकायत में बीजेपी का नाम नहीं लिखा, फिर भी बीजेपी के नेता बौखला रहे हैं, यह क्या संकेत देता है, इसका मतलब बीजेपी इसमें शामिल है, यह जांच में सामने आ जाएगा, हॉर्स ट्रेडिंग का बीजेपी का पुराना इतिहास रहा है।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि विधायकों की खरीद फरोख्त करने की मुझे सूचना मिली, मैंने उसके आधार पर एसीबी में शिकायत की है, एसीबी अब जांच में दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी, मैंने शिकायत में बीजेपी का नाम नहीं लिखा, फिर भी बीजेपी के नेता बौखला रहे हैं, यह क्या संकेत देता है, इसका मतलब बीजेपी इसमें शामिल है, यह जांच में सामने आ जाएगा, हॉर्स ट्रेडिंग का बीजेपी का पुराना इतिहास रहा है।
हमारे पास 23 विधायक अतिरिक्त थे हम भी तीसरा उम्मीदवार खड़ा कर सकते थे, लेकिन हम हॉर्स ट्रेडिंग में विश्वास नहीं करते, बीजेपी के पास संख्या बल नहीं होते हुए भी दूसरा उम्मीदवार क्यों उतारा। अब सभी विधायक एक साथ रिजॉर्ट में रहेंगे। यह राज्य सभा चुनाव का ट्रेनिंग कैम्प है, सभी विधायकों को वोटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
बीजेपी के मंसूबे कामयाब नहीं हाेंगे : अविनाश पांडे
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस दोनों सीटों पर जीतेगी। बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। कई राज्यों में बीजेपी सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर चुकी, राजस्थान में सभी कांग्रेस विधायक एकजुट हैं, बीजेपी के मंसूबे यहां कामयाब नहीं होंगे।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस दोनों सीटों पर जीतेगी। बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। कई राज्यों में बीजेपी सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर चुकी, राजस्थान में सभी कांग्रेस विधायक एकजुट हैं, बीजेपी के मंसूबे यहां कामयाब नहीं होंगे।
विधायकाें काे डराने को एसीबी के लिए पत्र लिखा, सीएम माफी मांगे : पूनिया
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम विधायकों से माफी मांगें। क्या उनको लगता है कि एक विधायक की कीमत 25 करोड़ है, क्या उन्होंने दो बार राजस्थान में बसपा व निर्दलीय विधायकों को ऐसा कुछ दिया था? भाजपा पर उनका आरोप बेबुनियाद है, प्रमाण है तो पेश करें, क्या एसीबी को पत्र विधायकों को डराने के लिए ही है? पूनिया ने कहा कि बीजेपी के नेता अपने काम में व्यस्त हैं।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम विधायकों से माफी मांगें। क्या उनको लगता है कि एक विधायक की कीमत 25 करोड़ है, क्या उन्होंने दो बार राजस्थान में बसपा व निर्दलीय विधायकों को ऐसा कुछ दिया था? भाजपा पर उनका आरोप बेबुनियाद है, प्रमाण है तो पेश करें, क्या एसीबी को पत्र विधायकों को डराने के लिए ही है? पूनिया ने कहा कि बीजेपी के नेता अपने काम में व्यस्त हैं।
बीजेपी 14, 20 और 27 जून को तीन वर्चुअल रैलियां करेगी। जिन्हें पार्टी के केन्द्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में 400 वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हम अपने कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं तक पहुंच कर रहे हैं।
भाजपा पर हाॅर्स ट्रेडिंग के आराेप लगाने के बजाय अपना घर संभालें सीएम : राठाैड़
उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठाैड़ ने कहा कि मैं सीएम अशाेक गहलाेत के उस आरोप पर कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए हाॅर्स ट्रेडिंग करने में लगी है, हैरान हूं। जाे दाे बार बसपा काे निगल गए। जिनकी सरकार बनने के पहले दिन से ही दाे ध्रुव बन गए। सरकार बचाने में ही ध्यान लगा रहता है। अपनी कमजाेरियाें काे छिपाने के लिए वे भाजपा पर आराेप लगा रहे हैं। बेहतर हाेगा कि आराेप लगाने की बजाय वे अपना घर संभालें।
निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित कर रही है कांग्रेस : लखावत
भाजपा से राज्यसभा प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह गैर कांग्रेसी विधायकों को एसीडी का डर दिखाकर निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित कर रही है। लखावत ने राज्य सरकार से प्रश्न किया कि यदि कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव से राज्य सरकार निश्चित थी तो राज्यसभा चुनाव से पहले नगर निगम के चुनाव को स्थगित कराने की बात माननीय उच्च न्यायालय में क्यों रखी। अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को कांग्रेस हमेशा से प्रभावित करने का प्रयास करती है।
उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठाैड़ ने कहा कि मैं सीएम अशाेक गहलाेत के उस आरोप पर कि भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए हाॅर्स ट्रेडिंग करने में लगी है, हैरान हूं। जाे दाे बार बसपा काे निगल गए। जिनकी सरकार बनने के पहले दिन से ही दाे ध्रुव बन गए। सरकार बचाने में ही ध्यान लगा रहता है। अपनी कमजाेरियाें काे छिपाने के लिए वे भाजपा पर आराेप लगा रहे हैं। बेहतर हाेगा कि आराेप लगाने की बजाय वे अपना घर संभालें।
निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित कर रही है कांग्रेस : लखावत
भाजपा से राज्यसभा प्रत्याशी ओंकार सिंह लखावत ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह गैर कांग्रेसी विधायकों को एसीडी का डर दिखाकर निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित कर रही है। लखावत ने राज्य सरकार से प्रश्न किया कि यदि कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव से राज्य सरकार निश्चित थी तो राज्यसभा चुनाव से पहले नगर निगम के चुनाव को स्थगित कराने की बात माननीय उच्च न्यायालय में क्यों रखी। अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को कांग्रेस हमेशा से प्रभावित करने का प्रयास करती है।