शोपियां में 5 आतंकी ढेर, इनमें हिज्बुल कमांडर नाली भी शामिल; दो हफ्ते पहले हुए एनकाउंटर में बच निकला था

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शोपियां में 5 आतंकी ढेर, इनमें हिज्बुल कमांडर नाली भी शामिल; दो हफ्ते पहले हुए एनकाउंटर में बच निकला था

  • शोपियां के रेबन गांव में एनकाउंटर के दौरान जवाबी कार्रवाई करते सुरक्षा बल के जवान। फोर्सेज ने आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना के बाद यहां सर्च ऑपरेशन चलाया था।


सुरक्षा बलों ने रविवार को शोपियां के रेबन गांव में 5 आतंकवादियों को ढेर कर दिया। सुरक्षा बलों को इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुबह ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान आतंकवादियों ने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में 5 को ढेर कर दिया गया। 
यारीपोरा एनकाउंटर के दौरान बच निकला था नाली
मारे गए आतंकवादियों में पुलवामा और कुलगाम का हिज्बुल कमांडर फारुक अहमद भट उर्फ नाली भी शामिल था। वह ए++ आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल है। दो हफ्ते पहले यारीपोरा में हुए एनकाउंटर के दौरान भी नाली बच निकला था। डीएसपी देविंदर सिंह के साथ आतंकवादी नवीद बाबू की गिरफ्तारी के बाद हिज्बुल ने नाली को साउथ कश्मीर का जिम्मा सौंपा था।
इसी साल जनवरी में देविंदर सिंह आतंकी नवीद बाबू को जम्मू ले जा रहा था। नवीद को पाकिस्तान जाना था। लेकिन, देविंदर को नवीद बाबू और आतंकी समर्थक इरफान अहमद के साथ पकड़ लिया गया था। नवीद आतंकी बनने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस में ही था। 2017 में नवीद बड़गाम से 5 एके-47 लेकर फरार हो गया था। 
आतंकवादियों की बॉडी परिजनों को नहीं सौंपी जाएगी
पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर मारे गए आतंकवादियों के नामों का ऐलान नहीं किया है। लेकिन, सूत्रों ने बताया कि नाली के अलावा सक्लेन रेबन गांव का अहमद वागेर, बाबापोरा का सफैत अमीन नायक भी सुरक्षाबलों की गोलियों का निशाना बना है। इनके पास से एके-47 राइफल और पिस्टल मिली हैं। इन आतंकवादियों की बॉडी परिवारवालों को नहीं सौंपी जाएगी। 
सफाए के चलते दक्षिण कश्मीर से बेस शिफ्ट कर रहे आतंकवादीी
5 जून को राजौरी में सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को ढेर किया था। यह आतंकवादी उस ग्रुप का हिस्सा था, जो कश्मीर से मुगल रोड के रास्ते शोपियां होते हुए कालाकोट आया था। सुरक्षाबलों के मुताबिक कश्मीर घाटी में जारी ऑपरेशन से भागकर ये आतंकी जम्मू सेक्टर में पहुंचे थे।
आतंकवाद जब चरम पर था तब भी आतंकी कमांडर मुगल रोड का इस्तेमाल कश्मीर घाटी से भागकर जम्मू आने के लिए करते थे। सुरक्षाबलों ने खुलासा किया है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान जब से सुरक्षाबलों ने घाटी में टॉप कमांडर को खात्मा किया है, तब से आतंकी दक्षिण कश्मीर से अपना बेस राजौरी और पुंछ में शिफ्ट कर रहे हैं।