प्रवेश पत्र के बाद भी कुछ छात्र रोल नंबर नहीं मिलने से परेशान हुए

Kailash

प्रवेश पत्र के बाद भी कुछ छात्र रोल नंबर नहीं मिलने से परेशान हुए, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश मिला

  • तस्वीर भोपाल के शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट स्कूल शिवाजी नगर की है। यहां परीक्षा देने आए छात्रों की लाइन लगवाई गई। इसके बाद सभी की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एंट्री दी गई।


एमपी बोर्ड के बचे हुए पेपरों की परीक्षाएं आज से शुरू हो गईं। इसमें शामिल हो रहे प्रदेशभर के करीब साढ़े 8 लाख छात्रों के लिए 4 हजार केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल के शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट स्कूल शिवाजी नगर में परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे पहले ही छात्र-छात्राएं पहुंच गए।



सबके चेहरे पर मास्क और हाथ में सैनिटाइजर की बोतल नजर आई। हालांकि, इस दौरान कुछ छात्र केंद्र में रोल नंबर नहीं मिलने के कारण परेशान भी होते दिखे। प्रबंधन द्वारा स्कूल के बाहर छात्रों का रोल नंबर और उसके सामने उनके बैठने वाले रूम की जानकारी का एक बोर्ड लगाया गया था। थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद छात्रों को केंद्र में प्रवेश दिया गया। इस बार शिक्षकों की कम संख्या में ड्यूटी लगाई गई। सिर्फ गेट पर ही एक अधिकारी और शिक्षक बच्चों की मदद के लिए खड़े हैं। इससे पहले हर परीक्षा रूम में कम से कम दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती रही है।



छात्रों के बैग बाहर ही रखवा दिए
कुछ छात्र पेपर देने बैग लेकर पहुंचे, तो स्कूल के अलग कमरे में बैग रखवा दिए गए। इसके साथ छात्रों को अगले पेपर में अपने साथ बैग नहीं लगाने की सलाह दी गई। बच्चों को सिर्फ सैनिटाइजर, ग्लब्ज, मास्क, पानी की बोतल और परीक्षा के लिए पेन आदि के रखने की ही अनुमति है।



लाइन लगाकर ही अंदर जाने दिया
स्कूल के गेट पर ही छात्रों की लाइन लगवाई गई। छात्रों के हाथ सैनिटाइज कराने के बाद उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। शरीर का तापमान सामन्य आने के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया। कोरोना लक्षण वाले छात्रों को सामान्य बच्चों से दूर दूसरे कमरों में बैठने की व्यवस्था भी की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य बातों का पालन करने के लिए सुरक्षा गार्ड और शिक्षकों द्वारा लगातार बच्चों को बताया गया।



इन छात्रों को मिलेगा एक और मौका
वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव छात्रों से लेकर क्वारैंटाइन में रहने वाले और दिव्यांग छात्र अगर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनके लिए मंडल द्वारा विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। अगर वह विशेष परीक्षा में शामिल होने के बाद किसी विषय में फेल हो जाते हैं, तो मंडल की हायर सेकेंडरी पूरक परीक्षा 2020 में सम्मिलित हो सकेंगे। कोरोना पॉजिटिव और क्वारैंटाइन छात्र को विशेष परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए स्वयं और परिवार के सदस्य का डिस्चार्ज सर्टिफिकेट अथवा क्वारैंटाइन सर्टिफिकेट देना होगा।




एक घंटे पहुंचना अनिवार्य है
छात्रों को पेपर शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर संदिग्ध छात्र को अलग कमरे में बैठाकर पेपर दिलवाया जाएगा। पहली शिफ्ट में पेपर देने वाले छात्रों को सुबह 8 बजे और दूसरी शिफ्ट में परीक्षा देने वाले छात्रों को दोपहर 1 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से लेकर परीक्षा देने के दौरान सभी छात्रों को अपने-अपने चेहरे को कवर रखना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।